छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में जमीन फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अभी हाल ही में सूरजपुर जिले का तहसीलदार संजय राठौर को निलंबित किया गया है अब ऐसा ही मामला बगीचा अनुविभाग के तहसील न्यायालय से सामने आया हैं. जहाँ 25 साल से गुम इंसान जिसका घर वाले सामाजिक रीतिरिवाज से क्रियाकर्म भी कर दिए है वह व्यक्ति तहसील बगीचा में आकर नायाब तहसीलदार के चेम्बर में दस्तखत कर चला जाता हैं. पीड़ितो ने तहसीलदार,पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाया है.जहां तीन भाइयों के जमीन बटवारें में 2 भाई के बिना उपस्थित हुए जमीन का बंटवारा में फर्जी दस्तखत कर सबसे छोटा भाई अधिकारियों के साथ साठगांठ कर अपने नाम पर ज्यादा जमीन कर लिया.बटवारें में एक भाई 25 साल से लापता है तो वहीं दूसरा भाई को कोई सूचना ही नही दिया गया। उक्त मामला sdm के संज्ञान में आने के बाद भी दोषियों पर कार्यवाही होते नही दिख रहा है।
यहां समझे पूरा मामला क्या है।👇🏻
पैतृक कृषि भूमि 1 एकड़ 80 डिसमिल का फौती नामांतरण व बटांकन होने के बाद पटवारी,कोटवार और तहसीलदार की मिलीभगत से बड़े भाई के मौत के बाद जमीन बटांकन में हुआ फर्जीवाड़ा.जब मृतक के वारिशों ने सुशासन तिहार में जाकर बटांकन के लिए आवेदन लगाया तब पीड़ितों को इस बात की जानकारी हुई. पीड़ित परिवार SDM कार्यालय में जाकर तहसीलदार के आदेश के खिलाफ अपील की हैं। अब इस मामले में जांच के बजाए लीपापोती का खेल शुरू हो गया है.ताकि दोषियों को बचाया जा सके.
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 से 2024 के बीच बगीचा के बोडापहरी पटवारी अमरेश तिर्की ने राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ कर उक्त खसरा नंबरों में तीन भाईयों के नाम पर बराबर जमीन का बटवारा न कर दो भाइयों को ज्यादा लाभ पहुंचा दिया।, जिसके बाद रिकार्ड का नकल निकलवाया तो पैतृक भूमि में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया.
पीड़ित मंगता का नाती अंकुर विश्वकर्मा ने बताया कि मेरा दादा मंगता के नाम पर जमीन था जिस जमीन को तीन भाइयों के नाम पर बराबर बराबर बाटना था लेकिन बड़ा छोटा भाई सानू और उसका बेटा सीताराम अधिकारियों के साथ साठगांठ कर दो भाइयों को बिना सूचना के फर्जी तरीके से बटवारा करा अपने नाम जमीन कर लिया.
दूसरा भाई महिपाल विश्वकर्मा ने बताया कि मैं भी जमीन में बराबर का हिस्सेदार था और जब जमीन का बटवारा हुआ तो मुझे कोई जानकारी ही नही दिया गया. मेरा छोटा भाई अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर जमीन का बटवारा कर लिया इस मामले में पटवारी और कोटवार के साथ साथ अधिकारी भी बराबर के हिस्सेदार है जिन्होंने न्यायालीन कार्य के प्रोसेस में मेरा फर्जी साइन कर गड़बड़ी किया है.मेरा बिना उपस्थिति के न्यायालय के बटवारा कागज में फर्जी सिग्नेचर किया गया है।मुझे इस मामले में न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग करता हु।
जब इस मामले मे बगीचा SDM ऋतुराज बिसेन से बात की गई तो उन्होंने हास्यस्पद बयान दिया कि मामला चूँकि अपील में चला गया है तो इस मामले में अलग से कोई दोषियों के ऊपर जांच नही की जा सकती है कह अपना पलड़ा झाड़ दिया।
