ब्रेकिंग न्यूज – वनपाल के द्वारा ग्रामीणों से मोटी रकम लेकर दे दिए फर्जी पट्टा,ठगी के शिकार हुए ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर के पास.

रोबिट गुप्ता – छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वन विभाग के कर्मचारियों पर फर्जी पट्टे बांटने और ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला विकासखंड वाड्रफनगर के गोबरा और बाजरा गांव का है।

ग्रामीण के शिकायत मुताबिक, वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में पदस्थ एक वनपाल हरिश्चंद यादव ने कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए, करीब 30 से 40 ग्रामीणों को फर्जी पट्टे जारी किए। इन पट्टों के बदले ग्रामीणों से लाखों रुपये की वसूली की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में गोबरा के बगल गांव फुली डूमर का रहने वाला इम्तियाज़ खान भी शामिल था, जो वनपाल हरिश्चंद यादव के साथ मिलकर लोगों से पैसे ले रहा था।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इन दस्तावेजों की जांच करवाई, तो सामने आया कि ये पट्टे पूरी तरह से फर्जी हैं।
सरकार एक तरफ जहां ‘समस्या समाधान शिविर’ चलाकर जनता की शिकायतें सुनने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के कुछ कर्मचारी उसी जनता को लूटने में लगे हैं।
शिकायतों के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में केवल कुछ ग्रामीणों को पैसा लौटाया, लेकिन अभी भी लगभग 25 से ज्यादा पीड़ित ग्रामीण ऐसे हैं जिन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिला है।

अब इन ग्रामीणों ने बलरामपुर कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि दोषी कर्मचारियों और बिचौलियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और ठगे गए पैसे की वापसी सुनिश्चित की जाए।

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