ब्रेकिंग जशपुर – ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं स्कूली बच्चे,बाईक पर तीन सवारी, नाबालिक स्कूली बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर परिजनों पर होगी कानूनी कार्यवाही, जान ले नियम…

जशपुर – नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर अब उनके परिजनों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देने या उन्हें प्रेरित करने पर उनके अभिभावकों को जेल भेजा जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा. इस संबंध में जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है जिसका अमल भी किया जा रहा है.

यातायात नियमो का कड़ाई से पालन करने और जिले में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए यह कदम उठाया है. घटित सड़क हादसों में जान गंवाने वाले युवाओं के बढ़ते प्रतिशत को देखते हुए जशपुर पुलिस ने सख्त निर्णय लिया है.पुलिस के अनुसार नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने से रोकने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है.जिले के बगीचा, सन्ना, कांसाबेल, पत्थलगांव और जशपुर सहित सभी थाना क्षेत्र में अभी समझाइस दिया जा रहा है बावजूद उसके नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

बच्चों के वाहन चलाने पर अभिभावक होंगे जिम्मेदार👇🏻

सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में ज्यादातर बच्चे 18 साल से कम आयु के स्कूली बच्चे होते हैं या फिर नौजवान युवक होते है. परिजनो की ओर से नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देने अथवा प्रेरित करने वाले अभिभावकों एवं संरक्षकों के खिलाफ नियमों के तहत संबंधित पुलिस एवं परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी, इस आदेश के अनुसार कोई भी अभिभावक 18 साल से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाते समय पकड़े जाने पर जिम्मेदार होंगे.

3 साल की जेल या लगेगा 25 हजार जुर्माना👇🏻

इसके अलावा वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र भी एक साल के लिए निरस्त कर दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में फिर नाबालिक 25 साल बाद ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेगा.मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम-2019 के प्रावधानों के तहत नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देने, चलवाने के लिए प्रेरित करने पर उनके अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. इसके तहत तीन साल की सजा एवं 25 हजार रुपए की जुर्माना लगाया जाएगा.

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