ब्रेकिंग न्यूज – आज भी शासन की योजनाओं से वंचित कोरवा परिवार टूटी फूटी झोपड़ी में रहने पर मजबूर,सिस्टम की लपरवाही का दंश झेल रहा यह परिवार।

रोबिट गुप्ता – सरकार की महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र, एक तरफ जहां सरकार गरीबों को पक्का आशियाना मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना चला रही है ताकि हर गरीब को पक्की छत मिल सके ,लेकिन बलरामपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रही है !

दरअसल यह पूरा मामला जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के रजखेता गांव का है जो जनपद कार्यालय से महज 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है ,,लेकिन जनपद और पंचायत स्तर के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से आज भी एक कोरवा परिवार जिसे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त है. यह परिवार अपने पांच सदस्यों के साथ टूटी फूटी झोपड़ी में रहने पर मजबूर है ,,हैरानी की बात तो यह है कि अनिल कोरवा के घर की इस हालत पर अभी तक किसी भी जिम्मेदार की नजर क्यो नही पड़ी,,अनिल ने बताया है कि एक साल पहले बरसात में उनका कच्चे का मकान टूट गया था और तब से अपने परिवार के साथ इसी टूटे हुए घर पर रहने को मजबूर है ,,अनिल और उसकी पत्नी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है इसलिए घर को बरसात और धूप से बचाने के लिए तिरपाल भी खरीद पाना मुश्किल हो जाता है ,,लेकिन न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई प्रशासन का नुमाइंदा अभी तक अनिल कोरबा की मदद के लिए आगे आया है ,,सबसे बड़ी बात तो यह है कि जनपद पंचायत के सीईओ को अभी तक मामले की कोई जानकारी ही नही है जबकि शाशन की मंशा है कि प्रशासन का अमला ऐसे बेसहारा ग्रामीणों के घरों तक पहुचे और उनको सरकार की योजनाओं का लाभ दे लेकिन सीओ साहब के जवाब से तो यह साफ नजर आता है कि साहब फील्ड का दौरा नही करते है और उनके अधीन कर्मचारियों की रिपोर्ट पर ही विकास की गाथा लिखने पर मशगूल है ,फिलहाल जनपद सीईओ ने अनिल कोरवा को सर्वे करवा कर आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन जरूर दे रहे है लेकिन सवाल यही है कि जिले में और कितने अनिल कोरवा जैसे परिवार होंगे जो दूरदराज क्षेत्रों में रह रहे होंगे इसके लिए प्रशासन को ईमानदारी से सर्वे का कार्य कराया जाना चाहिए ताकि अनिल कोरबा जैसे जरूरत मंदो को शाशन की योजना का लाभ मिल सके

-->