छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक रिटायर्ड लेक्चरर है जो बीस साल से अपनी कुर्सी लेकर साथ मे चलते है.इनका अनोखा अंदाज अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है उन्होंने बताया कि जहां भी जाते है साथ मे कुर्सी लेकर जाते है. बस में भी सफर करते है तो अपनी फोल्डिंग वाले कुर्सी लेकर जाते है और उसी में बैठकर सफर करते है.उनका मानना है कि ऐसा करने से मैं बीमार नही पड़ता हु और न ही किसी को बीमार करता हूं। इसका जीता जागता उदाहरण मैं खुद हु मुझे नौकरी से रिटायर्ड हुए बीस साल बीत जाने के बाद भी मैं आज पूरी तरह स्वस्थ्य हु।मेरा मानना है कि हम जब किसी की कुर्सी में बैठते है या फिर हमारी कुर्सी में कोई बैठता है तो एक दूसरे का बीमारी को शेयर करते है यही कारण है कि मैं जहां भी जाता हूं अपने साथ कुर्सी ले जाता हूं और उसी में बैठता हु। हालांकि यह इनका निजी विचार है ।
मुरारी दत्त शर्मा जशपुर जिले के तपकरा का नीवसी है भुतपूर्व लेक्चरर आदिमजाति कल्याण विभाग में पदस्थ थे.इनको नौकरी से रिटायर्ड हुए बीस साल हो गए है और आज भी पूरी तरह से स्वस्थ और नीरोगी है।
