ब्रेकिंग जशपुर – आजादी के 77 बरस बाद विकास की बाट जोह रहा ग्रामीण,ग्रामीणों ने बना डाली लकड़ी का अस्थायी पुलिया…

छत्तीसगढ़ का जशपुर जिले के फुलझर गांव आजादी के 77 साल बाद भी विकास की बाट जोह रहा है. यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. गांव में पुलिया नही होने की वजह से मरीज,गर्भवती महिलाओं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने – जाने में बहुत परेशानी होती है,बरसात के दिनों में ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार करते है.लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस गांव की समस्या नजर नहीं आ रहा. जबकि गांव वाले सभी नेता और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन गांव का विकास आज तक नहीं हो सका.

दरअसल बगीचा विकासखंड से लगभग 30 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत फुलझर के आश्रित गांव आस्ता-कुरवा मुख्य मार्ग है यहां से गांव वाले अपने सभी कार्यो के लिए ब्लॉक और जिला मुख्यालय जाते हैं. ऐसे में पुलिया नही होने की वजह से आज भी यहाँ के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. चुनाव को दौरन लोगों को बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. ग्राम पंचायत फुलझर में और भी कई सारी मूलभूत समस्याएं है लेकिन पुलिया उनमें से मुख्य समस्या है जो कि बरसात के दिनों में पानी का बहाव तेज होने से गांव वाले प्रभावित होते है. पुलिया नहीं होने की वजह से सरकार की योजना भी यहां पूरी तरह फेल नजर आ रही है.

गांव वालों की समस्या को देखकर आज स्थानीय जनपद सदस्य कलावती पैंकरा ने अपना योगदान देकर ग्रामीणों की समस्या का बीड़ा उठाने की पहल की और ग्रामीणों के साथ मिलकर लकड़ी से अस्थायी पुलिया के निर्माण कर दिया. ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को समस्या न हो।

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