बलरामपुर – वरिष्ठ शिक्षाविद शंकर गुरुजी का निधन,परिवार और समाज मे शोक की लहर….

रोबिट गुप्ता – श्री बंशीधर नगर क्षेत्र की वरिष्ठ राजकीय मध्य विद्यालय जंगीपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक और क्षेत्र के वरिष्ठ शिक्षाविद शिव शंकर प्रसाद अग्रहरि उर्फ शंकर गुरुजी का मंगलवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से शिक्षा, समाजसेवा और नागरिक समुदाय में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।

परिजनों के अनुसार गुरुजी कई वर्षों से मधुमेह और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। रोज़ की तरह उन्होंने सुबह योग और व्यायाम किया, नाश्ता किया और आराम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 10:30 बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्हें तत्काल निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

2003 में हुए थे सेवानिवृत्त, प्रेरणास्रोत थे शैक्षणिक अनुशासन के प्रतीक
शिव शंकर प्रसाद अग्रहरि वर्ष 2003 में प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वे एक समर्पित शिक्षक, कर्मठ समाजसेवी और अनुशासनप्रिय मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि जीवन की साधना माना और निःस्वार्थ भाव से पीढ़ियों का निर्माण किया।

सादगी, सेवा और संस्कार उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। वे विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक चेतना के लिए भी प्रेरित करते थे। उनका जाना एक परिवार ही नहीं, पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

बुधवार को होगा अंतिम संस्कार, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने जताया शोक
शंकर गुरुजी अपने पीछे चार पुत्र, दो पुत्रियां, बहुएं और नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को धमनी स्थित बाकी नदी के मुक्तिधाम पर किया जाएगा। मुखाग्नि बड़े पुत्र राजीव रंजन अग्रहरि देंगे।

शोक-संतप्त परिजनों में मुकुल रंजन, विपुल रंजन, गोकुल रंजन, जयप्रकाश रमन, प्रेम प्रकाश रमन, शशि प्रकाश रमन, बसंत प्रकाश रमन, हिमांशु रंजन, नंदलाल रमन, आर्यन रंजन, आयुष रंजन, निखिल रंजन, रोबिट गुप्ता ,अमन कुमार, अनुराग कुमार ,रजत अग्रहरि, आदित्य रंजन सहित अन्य कई सदस्य शामिल हैं।

उनके निधन की सूचना मिलते ही स्थानीय शिक्षकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की भारी भीड़ उनके आवास पर उमड़ पड़ी। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी।

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