धनीराम यादव – अन्तर्राजीय धान तस्करी रोकने जिला प्रसाशन द्वारा उड़ीसा बार्डर और झारखंड बार्डर पर बैरियर लगाया गया हैं. दूसरे राज्य से आने वाले धान की तस्करी रोकने बैरियर में 24 घंटे निगरानी करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है लेकिन अधिकारी रात 10 बजे ही बैरियर से नदारत हो जाते हैं. जो तस्वीरे आई है वह उड़ीसा बार्डर के सगजोर और पेरवारा बैरियर की बताई जा रही है.

जिले के फरसाबहार ब्लॉक के सागजोर और पेरवारा बैरियर में धान की तस्करी रोकने के लिए बनाया गया बैरियर में आज बीती रात लगभग 10:30 बजे कोई भी कर्मचारी नही थे. उड़ीसा से आने वाले धान तस्कर इसी रास्ते से आते है जिसे रोकने जिला प्रशासन ने दो जगह बैरियर बनाया हैं. ऐसे में आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि कितनी मुस्तैदी से कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. खामियाजा जिला प्रशासन के सख्ती के बाद भी धान की तस्करी धड़ल्ले से हो रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर धान तस्कर इसी बैरियर के रास्ते से धान की तस्करी करते है और उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने का सबसे कम दूरी का रास्ता भी हैं. जब रात को कोई कर्मचारी बैरियर में नही बैठ रहे है तो ऐसे में धान तस्करों के लिए तो खुली छूट के बरारबर है.
इस मामले में फरसाबहार एसडीएम रामशिला लाल ने बताया कि दूसरे राज्य से अवैध धान की तस्करी करने वालो पर लगातार कार्यवाही की जारी रही हैं. सभी बैरियर में पटवारी और पंचायत सचिव स्तर के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है.अगर ऐसी कोई बात है तो मैं जांच कराता हु लपरवाही बरतने वाले पर कार्यवाही की जायेगी।
