ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे संचालकों की अब खैर नही,माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन, डीजे संचालक पर हुई कार्यवाही, अगर आपके पास भी डीजे है तो जान ले नियम।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा पुलिस द्वारा डीजे संचालकों के खिलाफ अब माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश का कड़ाई से पालन शुरू हो गया है.जो भी डीजे संचालक अब नियमों की धज्जियां उड़ाकर साउंड ऊंची आवाज में बजाता है और ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देगा उसके ऊपर कार्यवाही की जा रही है इसी के तहत आज जांजगीर चांपा जिले के सारागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत कमरीद में डीजे संचालक संतोष कश्यप के विरूद्ध कोलाहल अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई.

पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 24.11.24 को देर रात्रि में थाना सारागांव क्षेत्र के ग्राम कमरीद बस स्टैंड के पास डीजे साउंड अधिक आवाज से बजाय जा रहा था। जिसकी सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर जाकर देखा तो पाया की ध्वनि सीमा से ज्यादा तेज गति से डीजे बज रहा था, वाहन में बड़ी-बड़ी डीजे रखकर जो वाहन से बाहर निकल रहे थे लापरवाही पूर्वक वाहन प्रचलित कर रहा था.

DJ संचालक संतोष कुमार कश्यप निवासी कोसमंदा थाना चांपा के विरुद्ध थाना सारागांव में धारा 4,5,15 कोलाहल अधिनियम के तहत कार्यवाही किया जाकर डीजे साउंड सिस्टम एवं उपयोग किए वाहन क्रमांक CG -11- AR- 6522 को जप्त कर विधिवत कार्यवाही किया गया है।

डीजे साउंड बजाने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देश ये रहे :- 👇🏻

अगर कोई आयोजक उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करता, तो उसके ख़िलाफ़ कोर्ट में कार्रवाई की जाएगी.
आयोजक के ख़िलाफ़ अवमानना का मामला दर्ज किया जा सकता है.
अगर आयोजक आदेश मानने के लिए तैयार हो जाता है, तो उसके ध्वनि यंत्र जप्त नहीं किए जाएंगे.
अगर आयोजक आदेश का पालन नहीं करता, तो उसके ध्वनि यंत्र जप्त कर लिए जाएंगे.
ध्वनि यंत्रों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक कि उच्च न्यायालय से अनुमति नहीं मिल जाती.
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, ऑफ़िस से 100 मीटर की दूरी पर लाउडस्पीकर बजाने पर, ध्वनि विस्तार यंत्रों को जप्त किया जाएगा.
ध्वनि यंत्रों के मालिक को शपथ-पत्र देकर वापस किए जा सकते हैं.
अगर दूसरी बार ऐसा होता है, तो जप्त किए गए यंत्रों को उच्च न्यायालय के आदेश के बिना वापस नहीं किया जाएगा.

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