जशपुर – आरएसएस का दो दिवसीय बौद्धिक कार्यशाला,सरस्वती शिशु मंदिर बगीचा में,विभाग सरगुजा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग सरगुजा के दो दिवसीय बौद्धिक कार्यशाला खण्ड बगीचा सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष अभी चल रहा है इस बौद्धिक कार्यशाला में 8 विधा का स्वयंसेवको को प्रशिक्षण दिया जा रहा है इस दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला में सरगुजा विभाग के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारियों का मार्गदर्शन सभी स्वयंसेवकों को प्राप्त हो रहा है ।

शाखा में स्वयंसेवक अनुशासन सीखते हैं। इसमें हर आयु़ वर्ग के व्यक्ति भाग लेते हैं। बाल, तरुण, प्रौढ़ सभी वर्ग के लोग आपस में सामंजस्य स्थापित करते हैं। वे सामाजिक समरसता, देश की सभ्यता व संस्कृति से परिचित होते हैं। हर व्यक्ति को संघ की शाखा में भाग लेना चाहिए। शाखा में व्यक्ति का बौद्धिक विकास व चरित्र निर्माण होता है। वह मानसिक व शारीरिक रूप से सबल बनता है। एक घंटा की शाखा की अवधि की पहले भगवा ध्वज फहराया जाता है। जो हमारे धर्म व संस्कृति का प्रतीक है। शाखा में ध्वज फहराने के पश्चात सूर्य नमस्कार, योग, व्यायाम, खेल, देशभक्ति गीत होते हैं। इससे लोगों में राष्ट्रप्रेम का भाव जागृत किया जाता है। ताकि सामाजिक परिवर्तन आए। हमारा देश विश्वगुरु बने इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है।

सरस्वती शिशु मंदिर के मैदान में शाखा भी लगाई गई। स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज फहराकर सूर्य नमस्कार, व्यायाम व योगाभ्यास किया। देशभक्ति गीत पेश किए। अनेक खेलकूद में भाग लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। स्वयंवकों ने भारत माता का स्मरण करते हुए प्रार्थना की।

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