
रोबिट गुप्ता – केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन अब दुर्गम और दूरस्थ इलाकों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाकर ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रही है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक ऐसी ही सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे कोडाकु पारा के ग्रामीणों को अब हर घर नल से शुद्ध पानी मिल रहा है।
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसेरा खुर्द का कोडाकु पारा वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा था। गांव के लोग मजबूरी में डोरी नाले का गंदा पानी पीते थे, जिससे अक्सर ग्रामीण बीमार पड़ जाते थे और स्वास्थ्य समस्याएं आम थीं।
दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद जब इस गांव की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंची, तो जल जीवन मिशन के तहत तत्काल योजना बनाकर काम शुरू किया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच पाइपलाइन बिछाकर हर घर नल जल योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
आज कोडाकु पारा के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के चेहरों पर अब राहत और खुशी साफ देखी जा सकती है। शुद्ध पानी मिलने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले नाले का पानी पीने से बार-बार बीमारियां होती थीं, लेकिन अब नल से साफ पानी मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने इस सुविधा के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया है।
ग्रामीणों के अनुसार, इतने दुर्गम और जंगलों से घिरे इलाके में इस योजना का पहुंच पाना आसान नहीं था, लेकिन प्रशासनिक प्रयासों ने इसे संभव कर दिखाया। जल जीवन मिशन ने न केवल पेयजल संकट दूर किया है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाया है।
वाकई जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर बदल रहा है, जहां अब दूरस्थ अंचलों में भी हर घर तक शुद्ध पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
