
रोबिट गुप्ता – रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चाकी में वर्षों के इंतजार के बाद शुरू हुआ पुलिया निर्माण अब विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सरपंच ने आरोप लगाया है कि पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और तय मानकों का पालन नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर इसी तरह काम चलता रहा, तो पुलिया एक बरसात भी नहीं झेल पाएगी।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस निर्माण कार्य की न तो पंचायत को पूर्व सूचना दी गई और न ही मौके पर कोई सूचना पटल (बोर्ड) लगाया गया है। इससे यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि काम किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है और इसकी कुल लागत कितनी है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब ठेकेदार के नियुक्त कर्मचारी ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उसने बताया कि काम का कोई एस्टीमेट साझा नहीं किया गया है और वे केवल निर्देश के आधार पर काम कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी भी कभी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरपंच की चेतावनी:
“यह पुलिया गांव के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन घटिया निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। पहले गुणवत्ता सुधारी जाए, विभाग और लागत की जानकारी दी जाए और सूचना बोर्ड लगाया जाए, अन्यथा काम बंद करवा दिया जाएगा।”
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या चाकी के ग्रामीणों को एक मजबूत और सुरक्षित पुलिया मिल पाएगी।
