रोबिट गुप्ता – रामानुजगंज क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही भाला गिरवानी नहर परियोजना अब विवादों में घिर गई है। किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए बनाई जा रही इस नहर में पानी आने से पहले ही कई जगह दरारें और टूट-फूट दिखाई देने लगी है।
ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के उपसरपंच ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर निर्माण मानकों के अनुसार हुआ होता, तो इतनी जल्दी नहर में दरारें नहीं पड़तीं।
यह परियोजना भाला और विजयनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए उम्मीद की किरण मानी जा रही थी, लेकिन अब इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं जल संसाधन विभाग के एसडीओ आशीष जगत का कहना है कि जहां-जहां दरारें आई हैं, वहां मरम्मत और दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग सिर्फ मरम्मत करेगा या फिर पूरे मामले की गंभीर जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। किसानों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
