ब्रेकिंग जशपुर – जिले में लकड़ी तस्कर सक्रिय, जलाऊ लकड़ी का आदेश लेकर बेशकीमती लकड़ी का तस्करी, साथ ही कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की आशंका जताया जा रहा है।

जशपुर – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में लकड़ी तस्कर सक्रिय है.जलाऊ लकड़ी काटने का परमिशन एसडीएम से ले कर बेशकीमती लकड़ियों का तस्करी कर रहे है.ये तस्कर बगीचा, कुनकुरी और पत्थलगांव में ज्यादा सक्रिय है. लकड़ी के आड़ में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की सूचना सूत्रों के हवाले से आ रही है.इन तस्करों के पास कई महंगी गाड़िया है और उसके अलावा पिकअप, लोडर और क्रेन जैसे वाहन है साथ मे लकड़ी काटने की मशीन भी रखे हुए है.जब वन विभाग के अमला कार्यवाही के लिए पकड़ते है तो जलाऊ लकड़ी का हवाला देकर उल्टा विभाग के कर्मचारियों से दादागिरी करने लगते हैं. दूसरे जिले के अधिकारी भी इनको ऐसे समय मे संरक्षण देते हैं.

दरअसल सूत्रों से जो खबर निकल कर आ रही है वह चौकाने वाली हैं, जशपुर जिले में दूसरे जिले के लकड़ी तस्कर सक्रिय है जो जलाऊ लकड़ी खम्हार, नीलगिरी,पलास, बबूल जैसे अन्य लकड़ियों का खरीदी बिक्री करने का स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी से आदेश लेकर फॉरेस्ट की बेशकीमती लकड़ी का तस्करी कर रहे है. वन विभाग के अधिकारी का हाथ इसलिये बंधे हुए है क्योंकि इनके पास जलाऊ लकड़ी का आदेश होता है. जैसे ही इन तस्करों को वन अमला पकड़ते है अपना आदेश दिखा देते हैं.जिले में तस्करी का खेल लगभग 6 माह से चल रहा है, इन तस्करों के पास कई लग्जरी कार और लकड़ी तस्करी करने आधा दर्जन वाहन है साथ ही लकड़ी लोड करने के लिए क्रेन भी है और पेड़ काटने वाली की मशीन है जिससे बड़े से बड़े लकड़ी को चंद घंटे में काट देते है.

खबर यह भी आ रही है कि ये तस्कर लकड़ी को उड़ीसा ले जाते है वहां निलीगिरी और खम्हार की लकड़ी का अच्छी खासी डिमांड हैं इन लकड़ियों से कई प्रकार के फर्नीचर बनाने में काम पर लिया जा रहा है.साथ ही प्लाई का बुरादा बनाने में भी इसका उपयोग किया जा रहा हैं. उड़ीसा से इन तस्करों का संबंध होने की वजह से ये तस्कर और भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इनके पास दर्जनों नवयुवकों की टीम है जो इनके काम को अंजाम देते है.

जिला प्रशासन इस ओर संज्ञान ले तो निश्चित ही जिले में होने वाले कई आपराधिक घटनाओं को होने से बचाया जा सकता हैं. बशर्ते इस पर सख्ती से काम करने की जरूरत है।

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