जशपुर जिले का पत्थलगांव में लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत का आवासीय केन्द्रीय विद्यालय में पानी की जटिल समस्या के कारण दो महीने के बाद भी इसका संचालन नहीं हो पाया है।
दिलचस्प बात यह है कि विगत 02 अक्टूबर को एक भव्य समारोह में इस नवनिर्मित विद्यालय का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया है।
भवन निर्माण एजेंसी ने यंहा पानी की उपलब्धता के जांच नहीं कराने के कारण अब शिक्षा अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है।
दरअसल इस केन्द्रीय विद्यालय में तीन सौ छात्र छात्राओं ने अपना ऐडमिशन करा लिया है। करोड़ों रुपए की लागत वाला नया विद्यालय भवन में पानी की समस्या को लेकर उन्हें दो अलग-अलग गांव के छात्रावास में रहने की व्यवस्था की गई है। लेकिन केन्द्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों के अलग-अलग होने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
अभिभावकों की लगातार शिकायतों के मद्देनजर भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अवगत कराया है।
फिलहाल पानी आपूर्ति के लिए पेयजल योजना की स्वीकृति की समस्या है जिससे केन्द्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर सवालिया निशान लगा हुआ है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वेदानंद आर्य ने बताया कि निर्माण एजेंसी के द्वारा अभी तक तीन बार बोर खनन कराया जा चुका है लेकिन किसी भी बोर में पानी की पर्याप्त उपलब्धता नही कारण पानी की समस्या है. जो निर्माण एजेंसी है संभवता जल परिक्षण नही कराया था इसलिये ये समस्या आ रही है, चूंकि 300 बच्चों को रखना है इसलिये बच्चों को शिफ्ट नही कराया जा रहा।
