छत्तीसगढ़ के “नागलोक” कहे जाने वाले जशपुर जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दीवानपुर में करैत सांप के डंसने से 4 वर्षीय कार्तिक मांझी की मौत हो गई। परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। जब अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम कार्तिक अपने भाई के साथ घर में जमीन पर सो रहा था, तभी करैत सांप ने उसे डंस लिया। परिजन इलाज के लिए अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने ले गए। करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक चलती रही और बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे पत्थलगांव सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. जेम्स मिंज ने बताया कि बच्चे को काफी देर से अस्पताल लाया गया, तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
वहीं, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बरसात के मौसम में जमीन पर न सोने और सर्पदंश होने पर अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में हर मिनट कीमती होता है। समय पर अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
