बगीचा में धूमधाम से मनाया गया ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर हुआ स्वागत

बगीचा। नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को विकासखंड मुख्यालय बगीचा में ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम में पद्मश्री जागेश्वर राम, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष गायत्री नागेश तथा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि “शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।” उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने और पालकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

शाला प्रवेश उत्सव में सेजस बगीचा, पीएम श्री कन्या आश्रम बगीचा, स्वामी रामकृष्ण आश्रम बगीचा, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगीचा, कन्या माध्यमिक शाला बगीचा एवं बालक माध्यमिक शाला बगीचा के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया और नवप्रवेशी विद्यार्थियों के चेहरों पर नए शैक्षणिक जीवन की खुशी साफ दिखाई दी।

इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल, बीआरसीसी कृष्ण कुमार राठौर, मंडल संयोजक संतोष गुप्ता, अकाउंटेंट शैलेश अंबस्ट, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर तिलक श्रीवास, ममता शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनत्व, शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और नियमित अध्ययन की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत करना ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रेरणादायी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से जोड़ना भी रहा।

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