महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिजली सखी योजना की शुरुआत,बिजली उपभोक्ता को मिलेगा इसका लाभ।

छत्तीसगढ़ का जशपुर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने स्व सहायता समूहों की महिलाओं को बिजली सखी के रुप में जिम्मेदारी दी गई है. इस ओर महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन बगीचा से पहल किया गया है.अब गांव गांव तक बिजली सखी हर घर तक पहुंच कर बिजली बिल प्रदाय करेंगी।इसके लिए इन्हें प्रशिक्षित भी किया गया है जिसके लिए सखियों को प्रति बिल 12 रुपए मानदेय निर्धारित है। इससे न केवल महिला शक्ति सशक्त होगी बल्कि सही समय पर ग्रामीणों को बिजली बिल मिल पाएगा, यह योजना फिलहाल जशपुर जिले में बगीचा ब्लॉक से शुरु किया गया है इसके बाद पूरे प्रदेश में बिजली सखी मॉडल लागू किए जाने की योजना है.


जनपद सीईओ प्रमोद सिंह ने बताया कि जशपुर जिले के जनपद पंचायत बगीचा में इस व्यवस्था की शुरुआत की गई है. अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिमाह बिजली बिल देने के लिए 21 स्व सहायता समूह की महिलाएं को जिम्मेदारी सौंपी है जो बिजली सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं. इन महिलाओं को एक मीटरसे बिजली बिल निकालकर उपभोक्ताओं को देने का मानदेय 12 रुपए प्राप्त होंगा. इस तरह प्रतिमाह महिलाएं 3000 से 6000 तक कमा सकेंगी. इस कार्य से जनपद में लखपति दीदी की संख्या में वृद्धि होगी यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहतर कदम है इसे बगीचा में लागू किया गया है. कालांतर में इसे सीएम विष्णुदेव निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की संभावना है.

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