सूरजपुर जिले के साथ ही साथ छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के पंचायत सचिव अपने एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण को लेकर विगत 21दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के द्वारा 17 मार्च 2025 को विधानसभा घेराव किया गया था विधानसभा घेराव कर सरकार के समक्ष अपने एक सूत्रीय मांग शासकीकरण को लागू करने की बात रखी गई थी.
पर सरकार के द्वारा उचित आश्वासन न देने पर छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के द्वारा 18 मार्च 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल चालू कर दिया गया है.

ग्राम पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की पेयजल आपूर्ति की योजना,जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र तथा पीएम आवास योजना का क्रियान्वयन जैसे जरुरी कार्यों पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने कार्य को लेकर पंचायतों के चक्कर तो लगा रहे हैं लेकिन उन्हें हड़ताल की जानकारी देने वाला भी नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर विराम लग गया है जिसके कारण ग्रामीणों के साथ ही साथ नवनिर्वाचित सरपंच व जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों को ग्राम पंचायत में सुचारू रुप से संचालित करने में काफी परेशानियों का सामना करते हुए देखा जा रहा है छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के द्वारा अपने दिए गए ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि सरकार के द्वारा हमारी एक सूत्रीय मांग शासकीकरण को लागू नहीं किया जाता हैं तो हमारे द्वारा जंतर मंतर दिल्ली मे जाकर धरना प्रदर्शन किया जायेगा मंत्रालय का घेराव कर सरकार को चुनौती दी जाएगी छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के द्वारा अपने एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण को अपने हित में सरकार के द्वारा लागू करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

