छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पूर्वर्ती कांग्रेस सरकार में वन अधिकार पट्टा देने की योजना का जमकर दुरुपयोग किया गया. तत्कालीन सरकार द्वारा बनाए गये वन अधिकार पट्टा के नियमो की धज्जियां उड़ाकर वन समिति के अध्यक्ष ने अपने ही परिवार के चार सदस्यों को पट्टा दे दिया.जिस जमीन का पट्टा मिला हुआ है वहा बड़े झाड़ के जंगल है जहां हरे भरे पेड़ भी लगे हुए है.जिन लोगो ने वन भूमि का पट्टा लिया है अब उस जमीन में लाभ लेने के लिए धान पंजीयन केंद्र में पटवारी और प्रबंधक से मिलकर धान भी बेच दिए है.
जिले के बगीचा अनुविभाग के ग्राम पंचायत महनई के ग्रामीण रामब्रत यादव, संदीप यादव ने कलेक्टर जनदर्शन में वन समिति के अध्यक्ष के खिलाफ वन विभाग के कर्मचारियों और पटवारी के मिली भगत से फर्जी तरीके से पट्टा प्राप्त करने व पट्टे के जमीन में बिना धान का फसल लगाए धान बेचने का आरोप लगाया है.ग्रामीणों का आरोप है कि वन समिति के अध्यक्ष ननकू यादव ने अपने पत्नी और बच्चों के नाम से फर्जी वन अधिकार पट्टा बनवाया है.शिकायत के बाद जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जांच के निर्देश दिए है।
शिकायत में यह है आरोप

