छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले मे बने रेस्ट हाउस में कुछ अधिकारियों का कब्जा हो गया है. चूंकि जशपुर जिला मुख्यमंत्री का जिला होने से यहां हर महीने कोई न कोई अधिकारी रायपुर से विभागीय कार्य के लिए आते रहते है ऐसे में आनन फानन में अधिकारियों का बोरिया बिस्तर कुछ समय के लिए हटाना पड़ता है. जिले में यह समस्या इसलिए भी आ रही है क्योंकि जिले के कई अनुविभाग के अधिकारियों का तबादला होने की वजह से महीनों बीत जाने के बाद भी बंगला खाली नही किया गया है.इसलिये मजबूरन इनको गेस्ट बनकर रेस्ट हाऊस में रुकना पड़ रहा है.
जशपुर जिला मुख्यमंत्री का गृह जिला है ऐसे में यहां मुख्यमंत्री, मंन्त्री, विद्यायक और कई बड़े अधिकारियों का जशपुर आना होता है . जब कोई मंन्त्री विधायक या अधिकारी पहुंचते है तो यहाँ रेस्ट हाउस को आनन फानन में कुछ समय के लिये खाली कराया जाता है या फिर उन अधिकारियों को निजी होटलों में ठहराया जाता है. अभी जो जानकारी मिल रही है उसमें फिलहाल जिले के पत्थलगांव और बगीचा के रेस्ट हाउस में डिप्टी कलेक्टर और एसडीओपी महीनों से रुके हुए है.
जो अधिकारी रेस्ट हाउस में गेस्ट बनकर महीनों से रुके हुए है उनके सामने यह समस्या है कि इनके पहले जो अधिकारी थे ओ तबादला होने के बाद बंगला खाली नही किए है. बंगला में या तो समान रखे हुए है या फिर अपने परिवार के सदस्यों को रखे हुए है.
