जशपुर – देश मे एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर हरियाली बचाने एक पेड़ माँ के नाम का अभियान चलाया जा रहा है वही दूसरी तरफ वन विभाग और अभ्यारण की मिली भगत से जशपुर जिले में हरे भरे पेड़ो की अंधाधुन कटाई किया जा रहा है.लकड़ी तस्कर जिले में सक्रिय है और इस पर प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नही लिया जा रहा हैं. पूर्व मंत्री मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को लकड़ी कटाई की सूचना दिए जब किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही हुई तो वही पर धरने पर बैठ गए है.

दरअसल जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र के बादल खोल वनाभ्यरण में हरे भरे विशालकाय पेड़ो की कटाई की जा रही है.ग्रामीणों की सूचना पर पूर्व मंत्री गणेश राम भगत अपने साथियों के साथ जब बादल खोल क्षेत्र पहुंचे तो मशीन से हरे भरे विशालकाय फलदार वृक्षों को मशीन से कुछ लोगो द्वारा काटा जा रहा था. पूर्व मंत्री के हस्तक्षेप के बाद कटाई रोकी गई. पूर्व मंत्री गणेश राम ने मौके से जब लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्यवाही करने जिला प्रशासन को फोन किया तो किसी प्रकार का कोई कार्यवाही नही होने से नराज पूर्व मंत्री ने वहीँ धरने पर बैठ गए है और जब तक कोई ठोस कार्यवाही और लकड़ी तस्करी पर रोक नही लगाए जाने तक बैठे रहने की बात कह रहे है.
अधिवक्ता और जनजातीय सुरक्षा मंच के लीगल एडवाइजर रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि लकड़ी तस्कर हरे भरे पेड़ो की बली चढ़ा रहे है. बादल खोल क्षेत्र में 40 से 50 विशालकाय फलदार वृक्षो को काटा जा रहा है. इनके पास राजस्व अधिकारी और वन अधिकारी का आदेश है लेकिन ग्राम पंचायत से किसी भी प्रकार का कोई परमिशन नही लिया गया है. जबकि हरे भरे पेड़ों को किसी भी कीमत में नही काटा जाता. सूखे और गिरने की स्थिति वाले वृक्षो को ही काटने की अनुमति है. एक तरफ देश का प्रधानमंत्री हरियाली बचाने के लिए एक पेड़ माँ के नाम का अभियान चला रहे है वही दूसरी तरफ हरे भरे फलदार वृक्षों को काटने का परमिशन जशपुर में दिया जा रहा है.जो कतई उचित नही है यह पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
