शिक्षा विभाग की लापरवाही कोड़ाकू पारा प्राथमिक स्कूल में लगातार नियमों की अनदेखी, मध्यान भोजन के बाद दोपहर में ही लटक रहा ताला….

रोबिट गुप्ता बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शासन के निर्देशों के अनुसार शासकीय स्कूलों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद रामचंद्रपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बसेरा खुर्द, कोडाकू पारा स्थित प्राथमिक शाला में रोजाना तय समय से पहले ही छुट्टी दे दी जा रही है।
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों का आरोप है कि उन्हें मध्यान्ह भोजन कराने के बाद दोपहर में ही स्कूल से छुट्टी दे दी जाती है और स्कूल परिसर में ताला लगा दिया जाता है। बच्चों का कहना है कि यह स्थिति किसी एक दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से लगातार चली आ रही है।
इस लापरवाही का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में स्थित इस स्कूल में कोडवा समाज, पण्डो समाज सहित अन्य वर्गों के बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों के लिए यह विद्यालय शिक्षा का एकमात्र साधन है, लेकिन निर्धारित समय तक पढ़ाई न होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र होने के कारण शिक्षा विभाग के अधिकारी शायद ही कभी निरीक्षण के लिए पहुँचते हैं। इसी का फायदा उठाकर विद्यालय का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूलों की निगरानी के लिए नियुक्त संकुल समन्वयक (सीएससी) की भूमिका क्या है। यदि विद्यालय प्रतिदिन समय से पहले बंद हो रहा है, तो निरीक्षण की रिपोर्ट में इसकी अनदेखी कैसे की जा रही है।
अब यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल यह मामला जिले की शासकीय शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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