धर्मांतरण विवाद पर भाजपा की जांच टीम पहुंची थी जशपुर, हिन्दू रीतिरिवाज से अंतिम संस्कार का है मामला,

जशपुर – छत्तीसगढ़ का जशपुर जिले के मनोरा ब्लॉक के डढेंगनी में प्राकृतिक आपदा से राजेंद्र चोराट की मौत और उनके अंतिम संस्कार की परंपरा को लेकर हुए विवाद पर बीजेपी ने जांच समिति के संयोजक शिवरतन शर्मा , सदस्य सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक गोमती साय, और रेणुका सिंह ने जांच करने घटनास्थल पहुंचे जहां उन्होंने परिवार से मिलकर पूरी जानकारी ली. तथा उन्होंने परिवार व सदस्यों से मिलकर सभी विंदुओं पूछताछ की ।

समिति 7 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

दरअसल, जशपुर जिले के मनोरा ब्लाक के ढेंगनी गांव में हुई मतातंरण की घटना की जांच के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव ने 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। चार सदस्यीय जांच टीम में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा को संयोजक, जबकि सदस्य में भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया व पत्थलगांव विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने जांच करने पहुंची. भाजपा के जांच समिति के सदस्यों ने बताया कि ढेंगनी में भुईहर समाज के युवक राजेंद्र चोराट की मृत्यु प्राकृतिक आपदा से हुई थी। जिसके बाद कथित रूप से मतांतरितों ने ईसाई रीति रिवाज से मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया था। मनोरा खड़कोना के कोरकोटोली में उक्त घटना के बाद भुईहर समाज नाराज होकर सड़क में उतर आया था और आस्ता थाना में इसकी शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से की गई शिकायत में समाज ने बताया है कि राजेंद्र चोराट भुईहर समाज में जन्मा था। लेकिन मतांतरित युवती से विवाह के उपरांत राजेंद्र ने ईसाई धर्म अपना लिया था। राजेंद्र की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता व परिवार के अन्य लोगों ने भुईहर समाज की रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करना चाहते थे। लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई और आरोप के अनुसार मृतक राजेंद्र का ईसाई रीतियों के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

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