जशपुर। डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने 25 जुलाई को थाना बगीचा का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना की कार्यालयीन व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, मालखाना, शासकीय संपत्ति, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया गया। रिकॉर्ड एवं शासकीय संपत्ति के निरीक्षण में अव्यवस्था और कमियां मिलने पर थाना प्रभारी बगीचा और मोहर्रिर को कड़ी फटकार लगाते हुए सभी रिकॉर्ड को तत्काल व्यवस्थित और अद्यतन करने के निर्देश दिए।
एसएसपी ने ग्राम अपराध पुस्तिका, जरायम रजिस्टर, जब्ती माल समेत अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का निरीक्षण कर लंबित अपराधों और शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने पुराने प्रकरणों के शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण, विवेचना में अनावश्यक विलंब नहीं करने और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों को थाना परिसर, कार्यालयीन कक्षों तथा अन्य स्थानों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि आम नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
डीआईजी-एसएसपी ने गुंडा-बदमाशों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की नियमित निगरानी, प्रभावी गश्त प्रणाली और बीट पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही पुलिस मितान के साथ समन्वय बढ़ाने, जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने थाना आने वाले फरियादियों के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करने, महिला एवं बाल अपराधों में तत्काल कार्रवाई करने तथा साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के प्रति लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा मालखाना और जब्त सामग्री के रखरखाव में कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के अंत में डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, जवाबदेही, पारदर्शिता और आम नागरिकों को त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निरीक्षण में मिली सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश देते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होने की हिदायत दी।
