ऑनलाइन डेटा एंट्री के बोझ से दबे स्वास्थ्य कर्मी, प्रभावित हो रही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं

जशपुर 23 जून – ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मी इन दिनों ऑनलाइन डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग के बढ़ते बोझ से परेशान हैं। विभिन्न स्वास्थ्य पोर्टलों और ऐप्स पर प्रतिदिन, साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट अपलोड करने की जिम्मेदारी के कारण उनका अधिकांश समय कंप्यूटर और मोबाइल पर डेटा भरने में बीत रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश भर के स्वास्थ्य कर्मचारी अपने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में लगाकर सरकार का ध्यानाकर्षण कर रहे है ताकि उनकी मांगों को सुना जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को NCD, IDSP, Nikshay, HMIS, AAM Portal, NMHP, Sickle Cell, e-Sanjeevani, U-WIN, RCH 2.0, VHSND, LCDC, Ayushman Card, AB-HWC समेत 20 से अधिक पोर्टलों और ऐप्स पर नियमित रूप से जानकारी दर्ज करनी पड़ती है। कर्मचारियों का कहना है कि एक ही जानकारी को कई बार अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भरना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।

स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि उन्हें जिन कार्यों पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जैसे घर-घर सर्वेक्षण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों की निगरानी, टीकाकरण, रोग नियंत्रण गतिविधियां और संस्थागत स्वास्थ्य सेवाएं, उन पर पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर इंतजार करना पड़ता है और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

कर्मचारियों ने बताया कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, सर्वर डाउन रहने की स्थिति और बार-बार एक ही जानकारी दर्ज करने की बाध्यता उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है। कई बार डेटा एंट्री में इतना समय लग जाता है कि मरीजों की देखभाल और क्षेत्रीय भ्रमण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित हो जाती हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों ने शासन से मांग की है कि सभी स्वास्थ्य पोर्टलों का एकीकरण (इंटीग्रेशन) किया जाए, दोहराव वाली एंट्रियों को समाप्त किया जाए तथा डेटा एंट्री के लिए अलग से ऑपरेटर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही इंटरनेट और तकनीकी सुविधाओं में सुधार कर स्वास्थ्य कर्मचारियों को उनके मूल कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया जाए।

स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, न कि केवल डेटा एंट्री करना। उन्होंने शासन से ऑनलाइन रिपोर्टिंग का बोझ कम कर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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