मार्केटिंग और हर्बल लाईफ जैसे निजी कंपनियों से जुड़कर उनके प्रचार -प्रसार में जाकर व्यापार कर रहें है शिक्षकों की अब खैर नही, ऐसे शिक्षकों पर जल्द ही विभाग जल्द करेगी बर्खास्तगी की कार्यवाही.

अजय सूर्यवंशी – शिक्षक अब अपने मूल कर्तव्यों को छोड़ मार्केटिंग के अलावा हर्बल लाईफ जैसे निजी कंपनियों से जुड़कर उनके प्रचार -प्रसार में जाकर व्यापार कर रहें है. जिससे स्कूली बच्चों का भविष्य संकट में जाते दिख रहें हैं. इसी के मद्देनजर जिला शिक्षाधिकारी ने जिले भर के विकासखण्ड से ऐसे शिक्षकों का लिस्ट मंगाया हैं जिससे शिक्षकों पर कार्रवाई हो सकें .

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा विभाग अब शिक्षकों के लिये व्यापार बन गया हैं. ऐसा हम इसलिये कह रहें हैं क्योंकि शिक्षक अध्ययन-अध्यापन से हटकर हर्बल लाईफ सहित नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़कर उनके लिये प्रचार-प्रसार कर रहें है साथ ही बच्चों को भी शामिल करने का प्रयास कर रहें है. कहा जाता है शिक्षक देश के भविष्य को गढ़ने में विशेष भूमिका निभाते हैं. स्कूली बच्चों को पढ़ा-लिखाकर देश को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. ऐसे में शिक्षक अपने मूल कर्तव्यों को छोड़कर नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़े होने की शिकायत जिला शिक्षाधिकारी को शिकायत और सूचना मिली. जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिले भर के ऐसे सभी शिक्षकों का लिस्ट मंगाया हैं जो प्रचार-प्रसार में जुटे हैं.
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक खासकर ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में लगभग 40 शिक्षकों को नेटवर्क मार्केटिंग और हर्बल लाईफ से जुड़े होने की सूचना मिली हैं. ए सभी शिक्षक विद्यालय में कम और निजी कंपनियों के लिये ज्यादा कार्य करते नजर आते हैं. अब इन शिक्षकों पर जल्द ही विभाग बर्खास्तगी की कार्यवाही करने में जुड़ चुकी हैं.


जिले के शिक्षाधिकारी एल पी पटेल की मानें तो सारंगढ और बरमकेला ब्लॉक से जो जानकारी मांगी गई थी उसका डेटा उन्हें मिल चुका हैं और बिलाईगढ़ ब्लॉक से आना बांकी हैं.जिला शिक्षाधिकारी ने आगे बताया कि कई सीनियर शिक्षक भी इन नेटवर्किंग मार्केटिंग में जुड़कर काम कर रहें हैं. कई शिक्षक तो उसमें जुड़ने के बाद अपनी त्याग पत्र भी दे दी हैं. साथ ही बहुत शिक्षक ऐसे है जो अध्य्यन-अध्यापन को झोड़कर स्कूल से नदारद रहते हैं. ऐसे में शिक्षकों की सूची मंगाई है और सूची आने के बाद ऐसे शिक्षकों को हिदायत दिया जायेगा बावजूद नहीं मानने पर उन पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी।

बहरहाल अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग कब तक हर्बल लाईफ व नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों पर कार्यवाही करेंगी।

 

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