बगीचा – बाल विवाह रोकने बस स्टैंड बगीचा के आंगनबाड़ी केंद्र में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को दिलाई गई शपथ…..

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. सरकारी प्रयास के कारण अब जिले के ग्राम पंचायत स्तर पर सबसे पहले बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए जागरुक किया जा रहा है. जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से जशपुर जिले के स्कूलों औऱ आंगनबाड़ी केंद्रों में शपथ दिलाकर बाल विवाह रोकने जागरूक किया जा रहा है।

आज बगीचा नगर पंचायत के बस स्टैंड बाजारडांड में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तारा सिंह द्वारा जनप्रतिनिधि,अभिभावक और स्थानीय लोगों को बाल विवाह रोकने शपथ दिलाकर जागरूक किया गया।

बाल विवाह रोकना क्यों है जरूरी

छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह सामाजिक परंपराओं और आर्थिक कारणों से लंबे समय से हो रहे हैं. प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रयासों के बावजूद कई बार दबाव में या छिपाकर नाबालिग बच्चों की शादी करा दी जाती है. बाल विवाह का असर केवल बच्चों के वर्तमान पर नहीं, बल्कि भविष्य पर भी पड़ता है. लड़कियों की शिक्षा बाधित होती है. कम उम्र में मातृत्व से स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं. लड़कों की भी शिक्षा और करियर प्रभावित होते हैं. घरेलू हिंसा और सामाजिक शोषण के मामले बढ़ जाते हैं. ऐसे में पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित करना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का प्रतीक है.

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