ब्रेकिंग् जशपुर – महिलाओं ने कहा एसपी साहब हमें भी दे दीजिए न्याय,न्याय की आस में महीनों से थाने का काट रही चक्कर, नेताओ और निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों से भी मांग चुके है मदद,लेकिन आज तक नही मिला न्याय।

प्रदेश में दुरुस्त कानून व्यवस्था की बात करे तो जशपुर जिला का स्थान पहले नंबर पर कहना अतिश्योक्ति नही होगा.जिस तरह जिले के पुलिस कप्तान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने न्याय दिलाने के मामले में आम लोगो का भरोसा जीता है वह काबिले तारीफ है. चाहे वह ऑपरेशन शंखनाद हो या ऑपरेशन मुस्कान या फिर मादक पदार्थो की अवैध बिक्री पर कार्यवाही. इन मामलों में लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है.लेकिन बात जब बगीचा थाने की आती है तो यहां मामला उल्टा हो जाता है.पीड़ित महिलाओं ने कहा कि काश एसपी साहब तक हमारी बात पहुँच पाती ताकि हमकों भी न्याय मिल सके.

जशपुर जिले में गरीब महिलाओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है.न्याय की आस में एक माह से महिलाएं बगीचा थाने का चक्कर काट रही है.जब पुलिस ने शिकायत नही सुनी तो मजबूरन समूह की महिलाएं आरोपी को पकड़कर थाने ले जाकर टीआई के सुपुर्द कर दिए.पुलिस की मजबूरी देखिए महिलाओं को न्याय का भरोसा देकर पुलिस ने आरोपी को कुछ घंटे हवालात में बैठाकर छोड़ दिया.बदले में माइक्रो फाइनेंस के मैनेजर से लिखित में आश्वासन लेकर छोड़ दिया. लेकिन अब उसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है.महिलाएं न्यायालय की तरह न्याय की आस लिए पेशी में पेशी आ रहे है लेकिन पुलिस के कान में जु तक नही रेंग रहा. उल्टा थानेदार महिलाओं को थाने में सुबह से शाम तक बैठाकर शाम को बोल देते है कि मैं दो दिन सप्ताह भर छुट्टी पर आ गया हूँ. महिलाएं इस कदर परेशान है कि अपने क्षेत्र की दो दो निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य तक को थाने लेकर आ गई ताकि उनको न्याय मिल सके लेकिन उफ्फ ये कानून व्यवस्था आरोपी को संरक्षण देने की जैसे कसम ही खा ली हो.हद तो तब हो गई जब भाजपा और कांग्रेस दोनो पार्टी के नेताओ और जनप्रतिनिधियों की जब पुलिस नही सुन रही है तो ग्रामीण महिलाएं जाए तो कहा जाए.

महिलाओं ने आरोप लगाया है कि इधर कानून का मखौल उड़ा रहे स्पंदना बैंक के कर्मचारी उल्टा पीड़ित महिलाओं के घर जाकर धमका रही है और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है की बाकी का बचत क़िस्त जल्दी भरो नही तो पेनाल्टी लगेगा.पुलिस को बताने पर कहते है कि उनको कुछ नही करना नही तो उल्टा तुम लोगो के ऊपर एफआईआर दर्ज हो जायेगा. अब ऐसे में महिलाएं जाए तो कहा जाए.

बगीचा थाने क्षेत्र में पुलिस की कानून व्यवस्था इस तरह चरमराई हुई है कि इसका अंदाजा अभी बीते एक पखवाड़े के भीतर हुए एक दिन में तीन घरों में दिन दहाड़े चोरी की घटना से लगाया जा सकता हैं. इसमें एक घटना तो पुलिस वाले के यहां हुई है.चोरों के हौसले आसमान पर है वही अपराधी खुलेआम घूम रहे है.अब बगीचा थाना क्षेत्र में रहने वाले को अपनी सुरक्षा खुद ही करना पड़ेगा नही तो पुलिस के भरोसे रहना मतलब सफेद हाथी देखने के बराबर है.

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