छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में फर्जी शेयर ट्रेडिंग कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर शहर की बेरोजगार महिलाओं से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि शातिर ठग ने उन्हें स्वयं को कलेक्टर कार्यालय में सुप्रिटेंडेंट आफ फाइनेंस डिपार्टमेंट का अधिकारी बता कर विश्वास जीता और धोखाधड़ी कर फरार हो गया।
पीड़ित महिलाओं ने आज कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर शिकायत दिया है। शिकायत में यह बात सामने आया है कि पंपलेट और प्रचार माध्यमों से उन्हें जानकारी मिली की शहर के दरबारी टोली में इंवेस्टिंग इकोनामिक्स प्रावईवेट लिमिटेड नाम से शुरू हुए एक शेयर ट्रेडिंग कंपनी में नौकरी दिया जा रहा है। विज्ञापन में दिये हुए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उनकी मुलाकात शातिर ठग प्रदीप पंडा से हुआ। पीड़ितों के अनुसार प्रदीप पंडा ने स्वयं को कलेक्टर कार्यालय में सुप्रिटेंडेंट आफ फाइनेंस डिपार्टमेंट बता कर उन पर रोब जमाया और उन्हें कार्यालय में आपरेटर सहित अन्य पदों पर नियुक्ति देकर 10 हजार रूपये प्रति माह का वेतन देने का झांसा दिया। बेरोजगारी और आर्थिक जरूरतों से जूझ रहे बेरोजग महिलाएं व युवतियां शातिर के झांसे में आ गई और वे नौकरी करने के लिए तैयार हो गई। इसके बाद शातिर ने इन बेरोजगारों से नौकरी व पद के अनुरूप आईडी बनाने के लिए 31 हजार रूपये से अधिक ऐंठ लिये। 1 दिसंबर से ठगी का शिकार हुए पीड़ित प्रदीप पंडा द्वारा दिये गए काम को करती रही। जनवरी माह के आधा बीत जाने के बाद भी वेतन का भुगतान ना मिलने पर जब पीड़ितों ने प्रदीप पंडा से वेतन भुगतान करने की मांग की तो वह 19 जनवरी से आफिस में ताला लटका कर फरार हो गया। पीड़ितों ने कलेक्टर रोहित व्यास ने शातिर द्वारा ऐठीं गई रकम व बकाया वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।
मकान मालिक को भी लगाया चूना –
पीड़ितों ने बताया कि शातिर प्रदीप पंडा ने बेरोजगारों के साथ अपने मकान मालिक को भी नहीं बख्शा। स्वयं के नीजि जरूरत के लिए मकान मालिक से 30 हजार रूपये बतौर उधार मांगा और रकम लेकर रफूचक्कर हो गया।
